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कभी अलग हुए तो ? पता नहीं रह लोगी मेरे बिना ? पता नहीं बस हम जैसे लोगों के साथ यही तो परेशानी है किसी भी सवाल का जवाब पता नहीं... [...]

लोग दिल्ली आते हैं इंडिया गेट घूमते हैं और चले जाते हैं । फिर भी उनके पास तस्वीरें होती हैं दिखाने के लिए, याद करने के लिए... लेकिन यहां ... [...]

वो शाम... उस प्रोग्राम को देखते-देखते तुम्हारे कांधे पर सिर रखकर सो गयी थी मैं. कितना सुकून सा मिल रहा था. न तुमने ही मुझे जगाया, मेरा भ... [...]

जाते जाते पहली बार कुछ ऐसा हुआ जिसमें सभी का साथ मिला....दिल में थोडा डर था पर फिर भी वर्ल्ड कप का जोश था, कितने महीनों से अपने पत्रकारिता ए... [...]

 मुदे ताई पीनी है.. .  एक प्याला चाय और उसके हजारों नाम...उत्तर प्रदेश के मुहल्लों में नामक कि पतली चाय, हरयाणा के ढाबे में गाढ़ा... [...]